न्यूज २४ पर दो दिल आते हैं। एकदम गाढे लाल टेस रंग में। इनकी साइज धीरे-धीरे बढ़ती है और फिर सफेद से लिखा दिखाई देने लग जाता है- आइ लव यू राहुल। इसी तरह दूसरे दिल पर लिखा दिखाई देता है- आई लव यू मोनिका। चैनल बताता है कि बिग बॉस के भीतर राहुल और मोनिका में बहुत कुछ चल रहा है। दूसरे चैनलों पर तो ये भी चर्चा जारी है कि बिग बॉस से लौटने के बाद शायद राहुल और मोनिका कोई बड़ा फैसला लें।

हमारी दिलचस्पी न तो राहुल और मोनिका के बीच जो कुछ भी चल रहा है उसमें है, न तो उनके बिग बॉस से बाहर आकर बड़े फैसले लेने का इंतजार है और न हमें इस बात की चिंता सताए जा रही है कि राहुल और मोनिका के बीच ये सब क्या और क्यों चल रहा है। जिन्हें चिंता हुई, जिन्हें लगा कि किसी रियलिटी शो में दोनों को इस तरह से दिखाए जाने पर भारतीय संस्कृति पर चोट पहुंचती है, घर के लोगों के संस्कार पर बुरा असर पड़ता है, उन्होंने विरोध किया। जिन्हें इस प्रोग्राम के जरिए टीआरपी बटोरनी थी और अभी भी है, उन्होंने दिखाया कि- अबू सलेम को याद आ रहा है पुराना प्रेम, जेल में मांगा अबू सलेम ने टीवी, मोनिका का दीदार करना चाहता है अबू सलेम, बिग बॉस देखना चाहता है अबू सलेम। यकीन मानिए हमारी दिलचस्पी इनमें से किसी भी चीज में नहीं है।

हमारी दिलचस्पी सिर्फ इस बात में है कि जो घटनाएं( अगर रियलिटी शो और उनकी बातों को घटना मानें तो) हो रही हैं, उसे न्यूज चैनलों में किस रुप में पेश किया जा रहा है। बिग बॉस में मोनिका और राहुल के भीतर जो कुछ भी चल रहा है, वो लोगों का मन लगाए रखने के लिए किया जा रहा है, संभव है टीआरपी के लिए नुस्खे के रुप में काम आ रहे हों, इसी नुस्खे में एक और जोड़ी- डायना और आशुतोष की जोड़ी तैयार कर दी गयी है। क्योंकि चैनल को ये पता है कि ऑडिएंस बिना कमेस्ट्री देखे बिना मानने वाली नहीं है। लेकिन इन सारी बातों को न्यूज चैनल खबर की शक्ल देने पर आमादा हैं। आप प्राइम टाइम के ठीक पहले देखिए, कई बार तो प्राइम टाइम में भी कि- जो चीजें, जो बातें और जो स्टंट मनोरंजन प्रधाम चैनल के जरिए मनोरंजन, मैलोड्रामा और टीआरपी जेनरेट करने के लिए किए गए हैं, उसे खबर के तौर पर चैनल पेश करते हैं। समझ और समाचार देने के साथ-साथ मनोरंजन कराने का जिम्मा न्यूज चैनलों ने अपने आप ले लिया है। खैर, ये सबकुछ न्यूज चैनलों की अपनी पॉलिसी हो सकती है और सरकारी नीतियों की बात है कि वो न्यूज के नाम पर क्या-क्या प्रसारित करने का अधिकार देती है।

यहां मैं चैनल के आधार पर ही मानकर चल रहा हूं कि- आइ लव यू राहुल और आइ लव यू मोनिका खबर है। न्यूज चैनल के लिए भी, ऑडिएंस के लिए भी,साथ ही बॉलीवुड इन्डस्ट्री के लिए भी और अगर न्यूज चैनलों ने इसके तार अभी तक अबू सलेम से जोड़ रखे हैं तो अंडरवर्ल्ड के लिए भी। वाकई ये बड़ी खबर है।

चाहे भले ही यह सबकुछ फेक हो, लेकिन बिग बॉस के भीतर दोनों के बीच जो कुछ भी चल रहा है उस पर सभी चैनलों ने मिलकर अब तक पचासों स्टोरी बना दी होगी। कलर्स पर भी लोग अपने-अपने ढंग से प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं। एहसान कुरैशी ने तो दोनों पर राइम्स बनाने शुरु कर दिए हैं। एक बार पहले बाहर आ चुकी मोनिका को इस मामले में दुनियाभर की सफाई भी देनी पड़ी है। इन सबके बीच मेरे दिमाग में सिर्फ एक ही सवाल उठ रहा था- कि क्या वाकई में मोनिका ने राहुल को आइ लव यू कहा है।

चैनल के हिसाब से अगर सिर्फ राहुल कहता है- मोनिका आइ लव यू तो कोई बड़ी खबर नहीं है। बड़ी खबर तब है जबकि मोनिका भी ऐसा ही कहे। न्यूज २४ ने मोंटाज बनाए उसमें ऐसा लिखा। इफेक्ट के लिए चैनल के बैक्ग्राउंड में जो केरोमा और मोंटाज बनाए जाते हैं कि कोई चाहे तो उस पर अलग से रिसर्च कर सकता है। खबर को लेकर स्टोरी आइडिया, काफी कुछ इसी से साफ हो जाता है। खबरों की तरह इसमें भी आए दिन कलाकारी और फैब्रिकेशन जारी है। इसे देखकर मैं बिग बॉस के ऑरिजिनल शॉट्स देखने के लिए परेशान हो गया।

संयोग से भटकते-भटकते जब मैं कलर्स पर पहुंचा, साढ़े बारह बजे तक देखता रहा। बिग बॉस के रिपीटेड एपीसोड आ रहे थे। दीवाली धमाका स्पेशल भी उसी में था। जब भी ब्रेक होता, उस शॉट्स के फुटेज दिखाए जाते जिसमें राहुल मोनिका से कहता है- बोलो- आइ, मोनिका दोहराती है आइ, बोलो लव, मोनिका दोहराती है लव, आगे राहुल कहता है- राहुल। अबकि बार मोनिका कुछ बोले इसके पहले ही ब्रेक हो जाता है. ऐसा मैंने कम से कम दस बार देखा और इंतजार करता रहा कि मोनिका क्या बोलती है। यही है ऑडिएंस की क्योरियोसिटी जिसे कि चैनल खूब समझता है।अंत में करीब सवा बारह या कुछ इसी के आसपास वो शॉट पूरा दिखाया जाता है। बिग बॉस के मिनट्स के हिसाब से ये रात के आठ बजकर पच्चीस मिनट का समय है। आइ लव यू के बाद जैसे ही राहुल, राहुल दोहराने कहता है, मोनिका दोहराने के बजाय कहती है- सुधर जाओ।॥

अब साफ हो गया था कि मोनिका ने कहीं भी नहीं कहा- आइ लव यू राहुल। यानि चैनल अपनी तरफ से चला रहा था- आई लव यू राहुल। इसे कहते हैं, थोड़े से बड़े अंडे की साइज देखकर, डायनासोर पर डॉक्यूमेंट्री बना डालना। चैनल भी खबरों के साथ यही सबकुछ कर रहे हैं ?
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4 Response to 'चैनल स्ट्रैटजी- अपने को दिखे अंडा तो ऑडिएंस को दिखाओ डायनासोर'
  1. Suresh Chiplunkar
    https://test749348.blogspot.com/2008/11/blog-post_01.html?showComment=1225609620000#c5363504164118193159'> 2 November 2008 at 00:07

    बहुत खूब धुलाई, वैसे हम तो सच में ही डायनासोर के अंडे यानी डिस्कवरी देखते हैं, हमें भी एक "स्मैकची" और "डॉन की महबूबा" के रोमांस में कोई दिलचस्पी नहीं है… लेकिन जनता का क्या कीजियेगा, खबर है कि राहुल के बिग-बॉस जीतने पर मुम्बई के पण्टरों ने लाखों-करोड़ों का सट्टा भी लगा दिया है, यह सब भारत की तरक्की को दर्शाता है… :)

     

  2. PD
    https://test749348.blogspot.com/2008/11/blog-post_01.html?showComment=1225614060000#c122069609198103687'> 2 November 2008 at 01:21

    सच कहूँ तो मेरे यहाँ कोई भी उस तरह का सीरियल आता देख कर चैनेल बदल देता है.. आपको एक बात बताता हूँ.. परसों की बात है, मैं आफिस से आकर न्यूज सुनने के लिए लगभग २ घंटे तक चैनल बदलता रहा.. मगर मुझे न्यूज कहीं नहीं मिला.. अंततः मैं अंग्रेजी न्यूज चैनल की ओर बढ़ गया..

     

  3. दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
    https://test749348.blogspot.com/2008/11/blog-post_01.html?showComment=1225615680000#c7753773821317580556'> 2 November 2008 at 01:48

    डायनासोर देखते आँखे और सुनते कान पक चुके हैं।

     

  4. सतीश पंचम
    https://test749348.blogspot.com/2008/11/blog-post_01.html?showComment=1225647720000#c7287024837172804439'> 2 November 2008 at 09:42

    आजकल ऐसे प्रोग्राम्स को मैं Push button programms की श्रेणी में डालता हूँ...यानि दिखे नहीं कि रिमोट का बटन दबा कर चलते बनो दूसरे चैनल्स पर ....लेकिन क्या करें...ईन Push button prograams की संख्या बढती ही जा रही है :(

     

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