सविताभाभी की नयी सीरिज एक बार फिर से आपके सामने है। सविताभाभी इन गोवा नाम से kirtu.com ने इस सीरिज की शुरुआत आज यानी 15 जुलाई से शुरु की है। इसके अलावे भी ये साइट कई नयी सीरिज शुरु करने जा रहा है। अन्तर्वासना डॉट कॉम पर दिए गए विज्ञापन में किरतु डॉट कॉम ने कहा है कि-
प्रिय बन्धुवर,
सविता भाभी के हज़ारों प्रशंसकों के अनुरोध पर हमने सविता भाभी पर एक मुफ़्त श्रृंखला आरम्भ करने का निश्चय किया है। 15 जुलाई, 2010 से आरम्भ होने वाली एवम् केवल www.kirtu.com पर प्रदर्शित होने वाली इस श्रृंखला में हर रोज़ नई कड़ियाँ जोड़ी जाएँगी। कृपया उस दिन इस साईट को देखना ना भूलें !
सविता भाभी गोआ में
जब शोभा एक सप्ताह की छुट्टी मनाने के लिए सविता भाभी को गोआ में आमंत्रित करती है तो सविता को उसकी नीरस शादीशुदा जिन्दगी के सभी बंधन तोड़ कर इतने सारे गर्म और प्यारे युवकों और तट-रक्षकों के साथ पूरा सप्ताह बिताने का मौका मिलता है। सविता अपने जीवन के कभी ना भूलने वाले इस अवकाश का आनन्द उठाने के लिए तैयार है। अपनी पसंदीदा सविता भाभी के रोमांच को देखें कि कैसे वो अपनी मोहक, उत्तेजक और आकर्षक काया से गोआ के तट पर आग लगा देती है। नई लघु श्रृंखला "सविता गोआ में !"


इंटरनेट के जरिए अश्लीलता फैलाने का कलंक झेल रही सविताभाभी को 3 जून 2009 में सरकार की तरफ से बैन कर दिया गया। उस दिन मेनस्ट्रीम मीडिया के लिए देश की सबसे पॉपुलर पॉर्न टून सविताभाभी.कॉम को बैन करना एक खबर थी। अंग्रेजी सहित हिन्दी के अखबारों ने इस खबर को दिलचस्पी के साथ प्रकाशित किया। इस खबर को लेकर लोगों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आयी लेकिन पाठकों का एक बड़ा वर्ग ऐसा भी रहा जिसने की इस साइट पर बैन लग जाने पर अफसोस जाहिर किया। इस अफसोस का ही एक नतीजा ये भी रहा कि रहा कि बैन किए जाने के वाबजूद सविताभाभी को देखने की लालसा लोगों की बनी रह गयी और खबरों की प्रमुखता से इसके नए पाठक वर्ग पैदा हुए। सविताभाभी.कॉम पर तो नयी फीड और सीरिज आनी बंद हो गयी,पहले के भी अर्काइव गायब हो गए लेकिन बैन करने के अगले ही दिन दूसरी लिंक से सविताभाभी की सारी सीरिज को देखा जा सकता था। बाद में doodhwali.com और kirtu.com पर ये सारी सीरिज नजर आने लगे। सरकार की लाख औपचारिक कोशिशों के वाबजूद लोगों का सविताभाभी का देखा जाना जारी रहा। इसकी लोकप्रियता में रत्तीभर भी कमी नहीं आयी।

दूसरी तरफ अपने शुरुआती दिनों से ही इस साइट ने इतनी पॉपुलरिटी अर्जित की कि इसकी हिट्स में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई। साइट की लोकप्रियता की दो बड़ी वजह थी। एक तो इसके कार्टून्स जिसे देखकर मेरा एक दोस्त इसे बनानेवाले को एम.एफ.हुसैन से भी बड़ा चित्रकार मानता आया है और दूसरा कॉमिक्स की शक्ल में इसकी प्रस्तुति जिसके छोटे-छोटे वाक्य इंडियन सेक्स मेंटलिटी को बेहतर तरीके से रिप्रजेंट करते हैं। इससे भी बड़ी बात कि इस साइट ने पहले तो अंग्रेजी में लेकिन बाद में कई भारतीय भाषाओं में पढ़ने की सुविधा मुहैया करा दी। हिन्दी में जिन अश्लील शब्दों औऱ सेक्स संकेतों का प्रयोग किया जाता उनका बिल्कुल ही देशज अंदाज होता। इस साइट के जरिए पहली बार सेक्स को लेकर उत्तेजना पैदा करने का काम विदेशी नग्न तस्वीरों के अलावे छपे हुए शब्द करने लगे। टेक्सट ने अपना अलग से असर पैदा किया। एलेक्सा की माने तो उस समय सविताभाभी देश का 82 वां सबसे ज्यादा देखी जानेवाली साइट रही है,ये BSE यानी बॉम्बे एस्टॉक एक्सचेंज से भी ज्यादा देखी जानेवाली साइट रही है। बाद में इस साइट की रैंकिंग में तेजी से सुधार होते चले गए। धीरे-धीरे इसकी लोकप्रियता का असर इस हद तक हुआ कि THE TELEGRAPH, MINT,THE TIMES OF INDIA ने इस पर स्टोरी की। बाद में TEHELKA ने  The Beautitudes Of A Bountiful Bhabhi ( Anastasia Guha, मई 17 2008) नाम से एक स्पेशल स्टोरी की जिस पर कल्चर एंड सोसायटी के लेबल लगे थे। जाहिर है कि जिस पोर्न साईट को देखना एक कुंठाग्रस्त और बदमाश मानसिकता की हरकत माना जाता रहा उस साइट पर बाकायदा मीडिया हलकों में चर्चा होनी शुरु हो गयी। तहलका में छपी स्टोरी का असर कहें कि लोग इस पर खुलेपन से बात करने लगे। तहलका ने इस साइन के पोर्न एल्टीमेंट को कम करके इसके बहस का हिस्सा बनाने में मदद की।

सविताभाभी की लोकप्रियता टेलीविजन में भी सिर चढ़कर बोलने लगी। इन्टरनेट पर jayhindtv ने सविताभाभी के कैरेक्टर को विजुअल प्रजेंटेशन देने लगा जो कि कि पोर्न टून सविताभाभी के अंदाज में ही सवालों के जबाव और बोलने-बतियाने लगी। इसके कई एपीसोड इन्टरनेट पर मौजूद हैं जिसमें टीवी सीरियलों के कई चर्चित चेहरे शामिल हैं। ये सविताभाभी कैरेक्टर की बड़ी स्टेप थी जिसमें अब तक पैसिव होकर सिर्फ उसकी बातों को पढ़ते आए पाठक सीधे-सीधे उससे एक्टिव मोड में बोल-बतियाने लग गए। इस तरह सरकार ने जिस साइट को पोर्न साइट करार देकर बैन कर दिया उससे जो नार्म्स पैदा हुए वो प्रिंट मीडिया,इन्टरनेट से लेकर टेलीविजन में पसर गए। आज माध्यमों के जितने भी रुप हो सकते हैं वहां सविताभाभी किसी न किसी रुप में मौजूद हैं। हां खिलौने की दुनिया और फ्रैब्रिक्स इन्डस्ट्री में इसे आना बाकी है। हम हर बार की तरह इस साइट के बंद करने या न करने पर बहस करें इससे ज्यादा जरुरी है कि हम सरकार के उन प्रयासों पर बात करें कि किस तरीके से वो ऐसी साइटों को बैन करती है और फिर जब वो बैन करती है तो उसकी कोशिश किसी एक हायपर लिंक को बंद करना होता है या फिर समाज में फैलते इस नार्म्स को रोकने की। माफ कीजिएगा,नार्म्स के स्तर की कार्यवाही के लिए सरकार को भारी मशक्कत करनी होगी।
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11 Response to 'ऐसे में सविताभाभी कभी नहीं मरेगी अंबिका सोनीजी..'
  1. राजीव जैन Rajeev Jain
    http://test749348.blogspot.com/2010/07/blog-post_15.html?showComment=1279181453132#c2734149336351966458'> 15 July 2010 at 01:10

    वाह गुरु

    बहुत रिसर्च की है सविता भाभी के इस देवर ने

    वैसे ज्‍यादातर चीजें पता थीं

    बस ये पूछ रहा था कि नई किस्‍ते हिंदी में नहीं आ रहीं क्‍या

    वैसे मैं एक ऐसे अधेड सज्‍जन को जानता हूं जिन्‍होंने पिछले साल सविता भाभी पढने के लिए ही इंटरनेट से दोस्‍ती गांठी

     

  2. DEEPAK BABA
    http://test749348.blogspot.com/2010/07/blog-post_15.html?showComment=1279181650300#c104790805403647648'> 15 July 2010 at 01:14

    विनीत जी, विकास के साथ-साथ, धीरे-धीरे हम लोग पश्चिमी सभ्यता की बुराइयाँ आत्मसात करते जा रहे है.

     

  3. BS
    http://test749348.blogspot.com/2010/07/blog-post_15.html?showComment=1279187233982#c1004651290703617341'> 15 July 2010 at 02:47

    सविता भाभी के पीछे कोई बड़ा मीडिया समूह ही है इसीलिये इस से संबंधित समाचार छापे जातेम हैं। वर्ना क्या कारण है कि लाखों अश्लील वेबसाइटों के होते हुये केवल इसी के बारे में इतनी चर्चा होती है।

     

  4. सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
    http://test749348.blogspot.com/2010/07/blog-post_15.html?showComment=1279193556086#c2348082395234927767'> 15 July 2010 at 04:32

    मैं तो निपट बुद्धू ही रहा अबतक। आपकी इस पोस्ट से पहले सविता भाभी के बारे में कुछ भी नहीं जानता था। अब सोच रहा हूँ कि आप की दी हुई लिंक पर जाना ठीक रहेगा कि नहीं...?

     

  5. सतीश पंचम
    http://test749348.blogspot.com/2010/07/blog-post_15.html?showComment=1279205908986#c6838394631506969751'> 15 July 2010 at 07:58

    टीवी पर मेरे सामने रात के साढ़े आठ बजे बिग बैंग की थ्योरी बताते हुए डिस्कवरी चैनल पक-पका रहा है कि प्रकाश से ज्यादा कुछ तेज नहीं जा सकता....कुछ नहीं.....।

    कम्बख्त को इतना भी पता नहीं कि प्रकाश से आगे पोर्न चला जा रहा है.....लोग समाज में स्वस्थ प्रकाश को जितना ज्यादा तेजी से फैलाना चाहते चाहते हैं....पोर्न उससे आगे ही आगे फैलता दिख रहा है।

    बढ़िया लिखा है....।

    वैसे मुझे भी लग रहा है कि कोई बड़ा मीडिया ग्रुप होगा इस सब 'भगही पकड़ दौड़' में शामिल....तभी इतना पॉपुलर और अखबारों आदि में चर्चित रहता है यह मामला।

     

  6. Rangnath Singh
    http://test749348.blogspot.com/2010/07/blog-post_15.html?showComment=1279213227302#c6196434318864230719'> 15 July 2010 at 10:00

    सच कहूं तो पहले-पहल मुझे लगा कि आप सविता भाभी के आने का प्रचार ही कर रहे हैं। मैंने बस आप का इन्ट्रो पढ़ा है। फिर भी कहना चाहुंगा कि हिन्दी पट्टी की यौन कुंठा को कई लोग कई तरह से भुनाने में लगे हैं।

     

  7. Sanjeet Tripathi
    http://test749348.blogspot.com/2010/07/blog-post_15.html?showComment=1279222555802#c4402869922778157036'> 15 July 2010 at 12:35

    bandhu likha to aapne bahut hi badhiya hai no doubt, lekin dekhiye rangnath ji thik usi baat ki or ishara kar rahe hain jis se maine aapko sachet kiya tha, dar-asal abhi bhi aapki post par kirtu.com ka link bhale hi hyper link na ho lekin ullekhit hai, agar thoda aur saavdhani barti jati to inse bhi bachaa ja sakta tha,

     

  8. Varun
    http://test749348.blogspot.com/2010/07/blog-post_15.html?showComment=1279223562525#c4103160791405872254'> 15 July 2010 at 12:52

    विनीत जी,

    मिहिर के भेजे लिंक के ज़रिए यहाँ तक आया. 'जय हिंद' नाम के जिस शो का ज़िक्र है (जिसमें सविता भाभी के किरदार को जीवंत किया गया) उससे मैं जुड़ा हूँ इसलिए एक दो बातें जोड़ना चाहता हूँ.

    सफाई नहीं है, लेकिन हाँ, थोडा perspective है.

    १. सविता भाभी के किरदार की शुरुआत 'जय हिंद' के पहले एपिसोड से ही हो गयी थी. मुद्दा था भारत सरकार की सेंसर नीति. ये रहा लिंक: http://www.youtube.com/watch?v=4-sruOUd1AI&feature=related

    २. उसके बाद सविता एक रेगुलर फीचर बन गयी लेकिन अक्सर (६ में से ४ बार) उसके आने का मुख्य मुद्दा कोई बड़ी करेंट अफेयर से जुडी समस्या होती है जिसका जवाब वो द्वि-अर्थी भाषा से देती है. इसमें आतंकवाद से लेकर महंगाई तक बहुत कुछ शामिल है और शर्त यही है कि जवाब व्यंग्यात्मक हो.

    ३. जी हाँ, बहुत बार सविता के शो में होने का कारण सिर्फ और सिर्फ titillate करना भी होता है (खासकर के जो वीडियो का लिंक आपने लगाया है, उसमें तो बिलकुल है) लेकिन उसे 'porn toon' के बक्से में रखना गलत होगा क्यूंकि शो मुख्यतः कॉमेडी है

    (मैं नहीं कह रहा कि आपने porn-toon के बक्से में रख दिया है लेकिन कहीं भी इस शो में उसके दायरे का ज़िक्र नहीं है, ना ही ये ज़िक्र है कि यहाँ सविता असल में satire के तौर पे आई है, cenbsorship की खिल्ली उड़ाने.)

     

  9. अनूप शुक्ल
    http://test749348.blogspot.com/2010/07/blog-post_15.html?showComment=1279247536869#c5228678387032559918'> 15 July 2010 at 19:32

    रोचक है। सविता भाभी इतनी पापुलर है यह अंदाज नहीं था। आगे के लेख का इंतजार है।

     

  10. Suresh Chiplunkar
    http://test749348.blogspot.com/2010/07/blog-post_15.html?showComment=1279256314518#c2318077740611160641'> 15 July 2010 at 21:58

    बड़े मीडिया समूह के सविता के पीछे होने की आशंका तो बहुतों को है…

    रही बात इसके पापुलर होने की, तो भारत जैसे यौन कुण्ठित देश में यह तो होना ही है। सरकार तो "सरकारी" तरीके से ही कोशिश करेगी, सवाल यह है कि हम क्या कर रहे हैं… इसका और प्रचार?

     

  11. sajid
    http://test749348.blogspot.com/2010/07/blog-post_15.html?showComment=1279259743212#c1010290392730895067'> 15 July 2010 at 22:55

    DEEPAK BABA से सहमत

     

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